पौड़ी 26 जुलाई, 2026ः कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर जनपद पौड़ी गढ़वाल में शौर्य दिवस श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ मनाया गया। पौड़ी एवं कोटद्वार में आयोजित कार्यक्रमों में कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। इस अवसर पर शहीदों के परिजनों एवं कारगिल युद्ध में सहभागी रहे वीर सैनिकों को सम्मानित किया गया, जबकि स्कूली छात्र-छात्राओं ने प्रभात फेरी, देशभक्ति गीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में राष्ट्रप्रेम का उत्साह भर दिया।
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर जनपद मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक, एजेंसी चौक पौड़ी में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार जोशी, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित अन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों एवं गणमान्य नागरिकों ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को पुष्पचक्र एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम से पूर्व छात्र-छात्राओं द्वारा एजेंसी चौक से कलेक्ट्रेट तक प्रभात फेरी निकाली गई।
स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की तथा सभी को कारगिल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कारगिल सहित देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग 75 वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें जनपद पौड़ी गढ़वाल के 17 वीर शहीद भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम आज अपने सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और हमें सदैव स्मरण रखना चाहिए कि यदि हमारी सेनाएं सीमाओं पर सतर्क न हों, तो देश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित नहीं रह सकता। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह सैनिकों के त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे।
जिलाधिकारी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस हमारे वीर सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान हम सभी मीडिया के माध्यम से सीमाओं से आने वाली खबरों को देख और सुन रहे थे। हर दिन वीर सैनिकों के शौर्य, संघर्ष और बलिदान की गाथाएं पूरे देश को भावुक करने के साथ ही राष्ट्रभक्ति की भावना से भी ओत-प्रोत कर रही थीं। उस समय हमारे सैनिक दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मन की गोलियों का डटकर सामना करते हुए देश की रक्षा कर रहे थे। उनका यही त्याग हमें सच्ची देशभक्ति का अर्थ सिखाता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि देशभक्ति केवल शब्द नहीं, बल्कि भीतर से जागृत होने वाली भावना है, जो हमारे व्यक्तित्व को राष्ट्रहित के प्रति समर्पित बनाती है। जिलाधिकारी ने कहा कि देश अपने शहीदों और उनके परिजनों का ऋण कभी नहीं चुका सकता, फिर भी जिला प्रशासन उनके सम्मान और कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शहीद द्वारों के विकास पर विशेष फोकस किया जा रहा है। साथ ही सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के हित में विभिन्न कार्यों को तत्परता से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सुविधा के लिए सीएसडी कैंटीन की स्थापना का कार्य भी प्रगति पर है।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर (सेनि) करन सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल, तोलोलिंग और द्रास जैसी दुर्गम चोटियों पर भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय शौर्य, साहस और बलिदान का परिचय देकर इतिहास रचा। उन्होंने कहा कि समय के साथ पीढ़ियां बदलती हैं, लेकिन राष्ट्र के वीर सपूतों का त्याग और बलिदान कभी भुलाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी का दायित्व है कि वह इन वीर गाथाओं को स्मरण रखे, उनसे प्रेरणा लेकर अपने भीतर देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का जज़्बा विकसित करे तथा उन अमर शहीदों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहे, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा शहीद नायक मंगत सिंह के पुत्र नीरज भंडारी तथा वीर चक्र से सम्मानित शहीद राइफलमैन कुलदीप सिंह रावत के भाई विजय सिंह रावत को सम्मानित किया गया। वहीं कारगिल युद्ध में सहभागी रहे सेवानिवृत्त नायब सूबेदार राम सिंह, हवलदार अर्जुन सिंह, हवलदार नरेंद्र सिंह, हवलदार गजेंद्र सिंह, नायक विमल सिंह, नायक वकुल रावत, नायक संजय सिंह तथा शहीद हवलदार जयवीर सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती संगीता देवी को भी शॉल, स्मृति चिन्ह एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।
शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ब्लॉक स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में मेसमोर इंटर कॉलेज की कक्षा 10 की छात्रा शगुन ने प्रथम स्थान, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, पौड़ी की कक्षा 10 की छात्रा मानसी मन्द्रवाल ने द्वितीय तथा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, पैडुल की कक्षा 12 की छात्रा स्वर्णिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इसी प्रकार चित्रकला प्रतियोगिता में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, पैडुल की कक्षा 11 की छात्रा कु. प्राची रावत ने प्रथम स्थान, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, पौड़ी की कक्षा 11 की छात्रा कु. मानवी ने द्वितीय तथा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, कालेश्वर की कक्षा 12 की छात्रा कु. सलोनी रावत ने तृतीय स्थान प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, पौड़ी एवं राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर, तिमली को सम्मानित किया गया।
प्रभात फेरी में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, डी.ए.वी. इंटर कॉलेज, मेसमोर इंटर कॉलेज, राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली, सरस्वती विद्या मंदिर क्यूँकालेश्वर तथा हिल्स इंटरनेशनल स्कूल, पौड़ी के विद्यार्थियों ने देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत नारों के साथ सहभागिता निभायी। साथ ही राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, पौड़ी तथा राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली की छात्राओं की मनमोहन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थितजनों का मन मोह लिया। छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को गरिमामय एवं प्रेरणादायी बनाया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार जोशी, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, प्रभारी पुरातत्व अधिकारी अनिरुद्ध सिंह बिष्ट, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका संजय कुमार, सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी सत्यपाल सिंह रावत, पूर्व सैनिक संगठन पौड़ी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा सहित अन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, पत्रकार बंधु, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अद्वैत बहुगुणा ने किया।
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