गढ़वाली-कुमाऊँनी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने पर जोर

कोटद्वार। उत्तराखण्ड विकास पार्टी की बैठक रविवार को ॐ मंगलम बैंक्वेट हॉल, कोटद्वार में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के मूल निवासियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए मूल निवास-1950 लागू करने, सख्त भू-कानून बनाने तथा गढ़वाली-कुमाऊँनी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई गई।

वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखण्ड की स्थानीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली हमारी अपनी भाषा है और युवा पीढ़ी को अपनी मातृभाषा का ज्ञान होना जरूरी है। इसके लिए गढ़वाली भाषा को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी की गई, ताकि नई पीढ़ी अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ी रह सके।

बैठक में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में एमबीए, होटल मैनेजमेंट, एलएलबी सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स तत्काल प्रभाव से शुरू करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का विस्तार किया जाना चाहिए।

वक्ताओं ने बताया कि गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए राज्य सरकार से कोटद्वार स्थित भूमि की मांग की गई है। बैठक में मांग की गई कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए उक्त भूमि को तत्काल गढ़वाल विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।

बैठक में विजय पाल सिंह गुसाईं, सुदीप बौठियाल, सुनील रावत, वीरू विश्राम, एसएन पोखरियाल, अशोक नेगी, राजेंद्र प्रसाद पंत, सुल्तान सिंह रावत, राकेश नैथानी, एडवोकेट विजय नैथानी, एडवोकेट जगदीश चंद्र जोशी, अरविंद सिंह गुसाईं, बलवीर सिंह बिष्ट, संतोष बलोधी, मनोज जोशी, अभय काला और मुजीब नैथानी आदि मौजूद रहे।




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